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Wednesday, June 4, 2014

गन्ने के रस के फायदे

 गन्ने के रस के फायदे  Health benefits of Sugarcane juice
ग्रीष्म ऋतु में गन्ने का रस बडी आसानी से उपलब्ध हो जाता है इसके सेवन के बहुत फायदे हैं -
-इस रस के निरन्तर सेवन से शरीर का दुबला पन, पेट की गर्मी , हृदय की जलन एवं कमजोरी दूर होती है !
-यह रस पीलिया रोग में अमृत तुल्य है !
-भोजन के उपरांत एक ग्लास रस पीने से त्वचा रोगों में लाभ मिलता है !
-इस रस में कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन, फास्फोरस आदि पाए जाते हैं जो शरीर के लिए आवश्यक है !
-इसके सेवन से पैशाब जलन और मूत्राशय पथरी का नाश होता है !
ग्रीष्म ऋतु में गन्ने का रस बडी आसानी से उपलब्ध हो जाता है इसके सेवन के बहुत फायदे हैं -
-इस रस के निरन्तर सेवन से शरीर का दुबला पन, पेट की गर्मी , हृदय की जलन एवं कमजोरी दूर होती है !
-यह रस पीलिया रोग में अमृत तुल्य है !
-भोजन के उपरांत एक ग्लास रस पीने से त्वचा रोगों में लाभ मिलता है !
-इस रस में कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन, फास्फोरस आदि पाए जाते हैं जो शरीर के लिए आवश्यक है !
-इसके सेवन से पैशाब जलन और मूत्राशय पथरी का नाश होता है !

Tuesday, June 3, 2014

गर्मी के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए कुछ हेल्थ टिप्स

 गर्मी के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए कुछ हेल्थ टिप्स
 Keep yourself healthy in summer!
(१) गर्मी के मौसम में धूप से असरग्रस्त चमड़ी के ताम्बेजैसा होने को मुल्तवी रखने के लिए चेहरे पर ताज़ा टमाटर काटके मलें। पंद्रह मिनिट बाद मुलायमियत के साथ आहिस्ता से चेहरा धोलें ,रगड़ें नहीं।

(२) अंदर बाहर से संक्रमण सूजन (रोगपूर्व की स्थिति )बोले तो इन्फ्लेमेशन से बचाने के लिए कुदरत ने सब्ज़ियों के राजा आलू को विटामिन -C ,विटामिन -B और पोटेशियम खनिज से भर दिया है। छिलके समेत आलू खाएं। अच्छे से गर्म पानी से साफ़ करें पकाने से पहले ,काटने के बाद पानी में न भिगोएं ,भिगो दिया है तो इस पानी का इस्तेमाल सब्ज़ी में ही करें इसे फेंके न।

(३) मख्खन विटामिन -A की सहज ज़ज़्ब होने वाली किस्म लिए रहता है। थायरॉइड और एड्रीनल (अड्रीनल )ग्रंथियों की सेहत के लिए यह बढ़िया साबित होता है। दांतों को खोखला होने से भी थामे रहता है।

(४) मीठे नीम्बू (लाइम ज्यूस )का ज्यूस गुर्दों में पथरी को बनने से रोकने में समर्थ है। इसमें मौजूद साइट्रिक अम्ल एक कुदरती उपाय है केल्शियम क्रिस्टलों से पैदा होने वाली पथरी को मुल्तवी रखने का।

(५)सुबह उठकर पानी पीना बड़ी आंत के आगे के हिस्से (COLON ) को साफ़ सुथरा रखने में मददगार साबित होता है लिहाज़ा खाने में मौजूद पुष्टिकर तत्वों की जज़्बी में भी सुधार आता है।
(६)अपनी खुराक में किसी भी बिध लेमन ग्रास को शरीक कीजिये। यह लिवर(यकृत ,जिगर ) की सफाई में काम आता है। अग्नाश्य (PANCREAS )तथा गुर्दों को भी साफ़ रखने में सहायक साबित होता है। मूत्राशय तथा पाचन मार्ग को भी साफ़ सुथरा दुरुस्त रखने में सहायक सिद्ध हुआ है।

Monday, June 2, 2014

मूंग के स्वास्थ्य लाभ


मूंग -
मूंग से हम सब बहुत अच्छी तरह परिचित हैं | मूंग की दाल द्विदल धान्य है और समस्त दलहनों में अपने विशेष गुणों के कारण अच्छी मानी जाती है | मूंग काले,हरे,पीले,सफ़ेद और लाल अनेक तरह की होती है | रोगियों के लिए मूंग बहुत श्रेष्ठ बताई जाती है | मूंग की दाल से पापड़,बड़ियां व पौष्टिक लड्डू भी बनाये जाते हैं | मूंग की दाल खाने में शीतल व पचने में हलकी होती है |
विभिन्न रोगों में मूंग का उपयोग -

१- चावल और मूंग की खिचड़ी खाने से कब्ज दूर होता है | खिचड़ी में घी डालकर खाने से कब्ज दूर होकर दस्त साफ़ आता है |
२- मूंग को सेंककर पीस लें | इसमें पानी डालकर अच्छी तरह से मिलाकर लेप की तरह शरीर पर मालिश करें | इससे ज्यादा पसीना आना बंद हो जाता है |
३- मूंग की छिलके वाली दाल को दो घंटे के लिए पानी में भिगो दें| इसके बाद इसे पीसकर गाढ़ा लेप दाद और खुजली युक्त स्थान पर लगाएं,लाभ होगा |
४- टाइफाइड के रोगी को मूंग की दाल बनाकर देने से लाभ होता है,लेकिन दाल के साथ घी और मसालों का प्रयोग बिलकुल न करें |
५- मूंग को छिलके सहित खाना चाहिए | बुखार होने पर मूंग की दाल में सूखे आंवले को डालकर पकाएं | इसे रोज़ दिन में दो बार खाने से बुखार ठीक होता है और दस्त भी साफ़ होता है |

Sunday, May 25, 2014

हरड़ Helath benefits of Harad

हरड़ -
हरड़ के नाम से तो हम सब बचपन से ही परिचित हैं | इसके पेड़ पूरे भारत में पाये जाते हैं | इसका रंग काला व पीला होता है तथा इसका स्वाद खट्टा,मीठा और कसैला होता है | आयुर्वेदिक मतानुसार हरड़ में पाँचों रस -मधुर ,तीखा ,कड़ुवा,कसैला और अम्ल पाये जाते हैं | वैज्ञानिक मतानुसार हरड़ की रासायनिक संरचना का विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है कि इसके फल में चेब्यूलिनिक एसिड ३०%,टैनिन एसिड ३०-४५%,गैलिक एसिड,ग्लाइकोसाइड्स,राल और रंजक पदार्थ पाये जाते हैं | ग्लाइकोसाइड्स कब्ज़ दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं| ये तत्व शरीर के सभी अंगों से अनावश्यक पदार्थों को निकालकर प्राकृतिक दशा में नियमित करते हैं | यह अति उपयोगी है | आज हम हरड़ के कुछ लाभ जानेंगे -
१- हरड़ के टुकड़ों को चबाकर खाने से भूख बढ़ती है |
२- छोटी हरड़ को पानी में घिसकर छालों पर प्रतिदिन ०३ बार लगाने से मुहं के छाले नष्ट हो जाते हैं | इसको आप रात को भोजन के बाद भी चूंस सकते हैं |
३- छोटी हरड़ को पानी में भिगो दें | रात को खाना खाने के बाद चबा चबा कर खाने से पेट साफ़ हो जाता है और गैस कम हो जाती है |
४- कच्चे हरड़ के फलों को पीसकर चटनी बना लें | एक -एक चम्मच की मात्रा में तीन बार इस चटनी के सेवन से पतले दस्त बंद हो जाते हैं |
५- हरड़ का चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में दो किशमिश के साथ लेने से अम्लपित्त (एसिडिटी ) ठीक हो जाती है |
६- हरीतकी चूर्ण सुबह शाम काले नमक के साथ खाने से कफ ख़त्म हो जाता है |
७- हरड़ को पीसकर उसमे शहद मिलाकर चाटने से उल्टी आनी बंद हो जाती है|

Saturday, April 19, 2014

Health Benefits of Aloe vera in Hindi

Health Benefits of Aloe vera  in Hindi
हमारे आस पास तमाम ऐसी वनस्पतियां पाई जाती हैं जिनमें औषधीय गुण मिलते हैं। समझ और सजगता का अभाव होने के कारण इनका सही प्रयोग नहीं हो पाता। इन्हीं वस्पतियों में घृतकुमारी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। आयुर्वेद में इसे ग्वारपाठा, घी कुंवारा, स्थूलदला, कुमारी आदि नामों से इसे जाना जाता है। घृतकुमारी के पत्तों का इस्तेमाल यकृत विकार, आमवात, कोष्ठबद्धता, बवासीर, स्त्रियों के अनियमित मासिक चक्र और मोटापा घटाने के साथ ही चर्म रोग में भी लाभकारी होता है। घृतकुमारी सभी स्थानों पर पूरे वर्ष सुगमता से मिलता है। इसके गूदे में लौह, कैल्शियम, पोटैशियम एवं मैग्नीशियम पाया जाता है।
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1- एलोवेरा में 18 धातु, 15 एमिनो एसिड और 12 विटामिन मौजूद होते हैं जो खून की कमी को दूर कर रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढाते हैं।
2- एलोवेरा के कांटेदार पत्तियों को छीलकर रस निकाला जाता है। 3 से 4 चम्मदच रस सुबह खाली पेट लेने से दिन-भर शरीर में चुस्ती व स्फूर्ति बनी रहती है।
3- एलोवेरा का जूस पीने से कब्ज की बीमारी से फायदा मिलता है।
4- एलोवेरा का जूस मेहंदी में मिलाकर बालों में लगाने से बाल चमकदार व स्वस्थ होते हैं।
5- एलोवेरा का जूस पीने से शरीर में शुगर का स्तर उचित रूप से बना रहता है।
एलोवेरा का जूस बवासीर, डायबिटीज, गर्भाशय के रोग व पेट के विकारों को दूर करता है।
6- एलोवेरा का जूस पीने से त्वचा की खराबी, मुहांसे, रूखी त्वचा, धूप से झुलसी त्वचा, झुर्रियां, चेहरे के दाग धब्बों, आखों के काले घेरों को दूर किया जा सकता है।
7- एलोवेरा का जूस पीने से मच्छर काटने पर फैलने वाले इन्फेक्शन को कम किया जा सकता है।
8- एलोवेरा का जूस ब्लड को प्यूरीफाई करता है साथ ही हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करता है।
9- शरीर में वहाईट ब्लड सेल्स की संख्या को बढाता है।
10- एलोवेरा का जूस त्वचा की नमी को बनाए रखता है जिससे त्वचा स्वस्थ्य दिखती है। यह स्किन के कोलेजन और लचीलेपन को बढाकर स्किन को जवान और खूबसूरत बनाता है।
11- एलोवेरा के जूस का नियमित रूप से सेवन करने से त्वचा भीतर से खूबसूरत बनती है और बढती उम्र से त्वचा पर होने वाले कुप्रभाव भी कम होते हैं।
12- एलोवेरा के जूस का हर रोज सेवन करने से शरीर के जोडों के दर्द को कम किया जा सकता है।
13- एलोवेरा को सौंदर्य निखार के लिए हर्बल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट जैसे एलोवेरा जैल, बॉडी लोशन, हेयर जैल, स्किन जैल, शैंपू, साबुन, फेशियल फोम आदि में प्रयोग किया जा रहा है।
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सावधानी: गर्भवती औरतों और पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिये घृतकुमारी-एलोविरा के आन्तरिक सेवन करने की सख्त मनाही है।