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Wednesday, June 4, 2014

वमन (उल्टी) Home remedies for vomiting

वमन (उल्टी) Home remedies for vomiting 
 
वमन या उल्टी कोई बड़ा रोग नहीं है बल्कि पेट की खराबी का ही एक रूप है । जब कभी कोई अनावश्यक पदार्थ पेट में अधिक एकत्रित हो जाता है तो उसे निकालने के लिए पेट प्रतिक्रिया करता है जिससे पेट में एकत्रित पदार्थ उल्टी द्वारा बाहर निकल जाता है | कभी - कभी अधिक उल्टी होने से रोगी के शरीर में पानी की कमी होने के साथ-साथ कमजोरी भी आ जाती है |
आइये जानते हैं विभिन्न औषधियों द्वारा रोग का उपचार -

१- पुदीने और नींबू का रस बराबर मात्रा में मिला लें | यह एक चम्मच की मात्रा में ३-४ बार रोगी को पिलाने से उल्टी का बार- बार आना बंद हो जाता है |

२- १०-१० मिली पुदीना,प्याज़ और नींबू का रस मिलाकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में रोगी को पिलाने से हैजे में होने वाली उलटी में बहुत लाभ होता है |

३- तुलसी के पत्तों का रस पीने से उल्टी भी बंद हो जाती है और पेट के कीड़े भी मर जाते हैं| शहद और तुलसी का रस मिलाकर चाटने से जी मिचलाना और उल्टी ठीक होती है|

४- अगर उल्टी बंद न हो रही हो तो दो लौंग और थोड़ी सी दालचीनी लेकर एक कप पानी में डालकर उबाल लें और जब पानी आधा रह जाए तब छानकर रोगी को पिलायें| इससे उल्टी का बार-बार आना बंद हो जाता है|

५- उल्टी होने पर सूखा या हरा धनिया कूटकर पानी में डालकर फिर निचोड़कर ५ चम्मच रस निकाल लें | यह रस बार-बार रोगी को पिलाने से उलटी आनी बंद हो जाती है |

६- नींबू को काटकर इसमें चीनी और काली मिर्च भरकर चूंसने से उल्टी और जी मिचलाना बंद हो जाता है |

७- पका हुआ केला खाने से खून की उल्टी बंद हो जाती है |

८- २० ग्राम सौंफ और दस पुदीने के पत्तों को एक लीटर पानी में उबालकर छान लें और ठंडा करके थोड़ी-थोड़ी देर में रोगी को पिलायें | इससे उल्टी में बहुत आराम होता है |

Tuesday, June 3, 2014

गर्मी के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए कुछ हेल्थ टिप्स

 गर्मी के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए कुछ हेल्थ टिप्स
 Keep yourself healthy in summer!
(१) गर्मी के मौसम में धूप से असरग्रस्त चमड़ी के ताम्बेजैसा होने को मुल्तवी रखने के लिए चेहरे पर ताज़ा टमाटर काटके मलें। पंद्रह मिनिट बाद मुलायमियत के साथ आहिस्ता से चेहरा धोलें ,रगड़ें नहीं।

(२) अंदर बाहर से संक्रमण सूजन (रोगपूर्व की स्थिति )बोले तो इन्फ्लेमेशन से बचाने के लिए कुदरत ने सब्ज़ियों के राजा आलू को विटामिन -C ,विटामिन -B और पोटेशियम खनिज से भर दिया है। छिलके समेत आलू खाएं। अच्छे से गर्म पानी से साफ़ करें पकाने से पहले ,काटने के बाद पानी में न भिगोएं ,भिगो दिया है तो इस पानी का इस्तेमाल सब्ज़ी में ही करें इसे फेंके न।

(३) मख्खन विटामिन -A की सहज ज़ज़्ब होने वाली किस्म लिए रहता है। थायरॉइड और एड्रीनल (अड्रीनल )ग्रंथियों की सेहत के लिए यह बढ़िया साबित होता है। दांतों को खोखला होने से भी थामे रहता है।

(४) मीठे नीम्बू (लाइम ज्यूस )का ज्यूस गुर्दों में पथरी को बनने से रोकने में समर्थ है। इसमें मौजूद साइट्रिक अम्ल एक कुदरती उपाय है केल्शियम क्रिस्टलों से पैदा होने वाली पथरी को मुल्तवी रखने का।

(५)सुबह उठकर पानी पीना बड़ी आंत के आगे के हिस्से (COLON ) को साफ़ सुथरा रखने में मददगार साबित होता है लिहाज़ा खाने में मौजूद पुष्टिकर तत्वों की जज़्बी में भी सुधार आता है।
(६)अपनी खुराक में किसी भी बिध लेमन ग्रास को शरीक कीजिये। यह लिवर(यकृत ,जिगर ) की सफाई में काम आता है। अग्नाश्य (PANCREAS )तथा गुर्दों को भी साफ़ रखने में सहायक साबित होता है। मूत्राशय तथा पाचन मार्ग को भी साफ़ सुथरा दुरुस्त रखने में सहायक सिद्ध हुआ है।