Tuesday, February 18, 2014

बच्चो के पेट में कीड़े, मुंहासे नुसखे

नुसखे
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बच्चो के पेट में कीड़े
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* कृमि की अवस्था में खाली पेट अनन्नास सेवन करना चाहिए क्योंकि यह कृमि नाशक है। पेट में कृमि होने पर अनन्नास सेवन करने से सप्ताह भर में ही कृमि दूर हो जाते हैं। इस दृष्टि से यह बच्चों के लिए भी विशेष उपयोगी है।
* यदि बच्चों के पेट में कीड़े पड़ गए हों तो प्याज का रस पिलाने से कीड़े मर कर निकल जायेंगे।

मुंहासे
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* एक छोटा चम्मच दही तथा एक बड़ा चम्मच मूली का रस मिलाकर लोशन बनाकर रुई से चेहरे पर लगाने से कील, मुँहासे एवं झुर्रियां सदा के लिए मिट जाते हैं।
* सेब, संतरा, केला तथा अमरूद आदि को पीसकर फल मिश्रण तैयार कर लें। इस मिश्रण में दही और पीसी हुई हल्दी ऊपर से डालकर मिला लें। इसके बाद उसमें तुलसी का एक चम्मच रस और शहद की चार बूंद डालकर इससे बनाये गये लेप से सुबह-शाम चार सप्ताह तक चेहरे पर लगाया करें। इससे झुरियां और मुहांसे जड़ से नष्ट हो जाते हैं।

चोट लगना, खून बहना
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* लोहे से लगने वाली चाटों पर फिटकरी घिसकर लगा दें या फूली फिटकरी बुरक दें। इससे खून तो रुकेगा ही साथ ही सैप्टिक होने के डर से टिटेनस का इन्जैक्शन लगवाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती है।
* 125 ग्राम दही और 250 ग्राम पानी में एक ग्राम फिटकरी पीसकर मिला दें और उसका लस्सी बनाकर घायल को पिला दें। इससे शरीर के किसी भी हिस्से से खून बह रहा हो तो बन्द हो जाता है।

शहद चाटने के फायदे

आलस आ रहा है? शहद चाटिये

शहद का टेस्ट काफी लाजवाब होता है। इसमें बहुत सारा कार्बोहाड्रेट होता है जो कि चाटने पर शरीर को तुरंह ही एनर्जी देता है। तो अगर आपको ऐसा लगता है कि आप सुबह बहुत सुस्त सा फील कर रहे हैं और आपका मन ऑफिस जाने का नहीं कर रहा है तो शहद का सेवन करें। इसी कारण से चाइना में रहने वाले लोग रोज सुबह दूध, ब्रेड या गरम पानी में शहद घोल मिला कर पीते और खाते हैं। चाइनीज लोगों को शहद इसलिये नहीं पसंद है क्योंकि यह टेस्टी होता है बल्कि वे इसे इसलिये पसंद करते हैं क्योंकि इसमें बहुत सारा पौष्टिक गुण होता है, जिससे दर्द से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा चाइना कि अधिकतर दवाओं में भी शहद मिला होता है। पढिये और जानिये कि आपको अपनी डाइट में शहद क्यों खाना चाहिये।

शहद चाटने के फायदे

1. बूढे़ लोग जिनका पाचन तंत्र कमजोर हो चुका है, उनके लिये शहद बहुत फायदेमंद होता है।

2. हर सुबह शहद चाटने से कब्ज की समस्या समाप्त होती है और पेट साफ रहता है।

3. शराब पीने के बाद हैंगओवर उतारने के लिये पानी में शहद मिला कर पीने से लीवर भी सही रहता है और हैंगओवर भी उतर जाता है।

4. अगर त्वचा जल गई हो तो वहां पर शहद लगा लें, दर्द से तुरंत छुटकारा मिलेगा। इससे इंफेक्शन भी नहीं होगा और यह जलन तुरंत सही हो जाएगी।

5. अच्छी नींद लाने के लिये रात में एक चम्मच शहद चाटें।

6. सुबह और रात को एक कप में शहद और पानी पीने से हाई ब्लड प्रेशर सामान्य हो जाता है।

7. खाना खाने के आधे घंटे पहले शहद खाने से गैस्ट्रिक की समस्या नहीं होती। सावधानी हांलाकि शहद स्वास्थ्य के लिये अच्छा होता है लेकिन यह मधुमेह रोगियों और 1 साल से छोटे शिशु के लिये अच्छा नहीं है।

दो हफ्ते में कम करें पेट

दो हफ्ते में कम करें पेट

पेट कम करने के लिए खाना छोड़ने या कम खाना खाने की बजाय स्वस्थ व पौष्टिक आहार का सेवन करें। नियमित व्यायाम संतुलित आहार पेट की चर्बी कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

पेटी की चर्बी से हर दूसरा व्यक्ति परेशान नजर आता है। यह समस्या काफी आम हो चुकी है। इसके लिए अपनी एक नियमित दिनचर्या बनाएं और गंभीरता से इसका अनुसरण करें। आइए जानें कुछ ऐसे उपाय जिन्हें अपनाकर महज दो सप्ताह में ही बढ़े हुए पेट को कम किया जा सकता है।

जौ-चने की रोटी
भोजन में गेहूं के आटे की रोटी की जगह जौ-चने के आटे की रोटी का सेवन शुरू कर दें। इसका अनुपात है 10 किलो चना व 2 किलो जौ। इन्हें मिलाकर पिसवा लें। और इसी आटे की रोटी खाएं। इससे आप अतिरिक्त कॉर्बोहाइड्रेट लेने से बचेंगे और शरीर में अतिरिक्त कैलोरी भी जमा नहीं होंगी।

पानी में सौंफ
आधा चम्मच सौंफ लेकर एक कप खौलते पानी में डाल दी जाए और 10 मिनट तक इसे ढककर रखा जाए और बाद में ठंडा होने पर पी लिया जाए। नियमित रुप से इसे लेने पर पेट जल्द कम होगा।

नारियल पानी
नारियल पानी इसमें अन्य फलों के मुकाबले ज्यादा इलेक्ट्रोलाइट्स पाया जाता है। न तो इसमें अतिरिक्त शुगर की मात्रा होती है और न ही कोई कृत्रिम फ्लेवर पाया जाता है। इसमें बिल्कुल भी कैलोरी नहीं होती, जिससे मोटापा नहीं बढ़ता। इसके अलावा यह शरीर को तुरंत स्फूर्ति देता है।

बॉल एक्सरसाइज
बॉल एक्सररसाइज करें जमीन पर पीठ के बल पर सीधा लेट जाए। अब हाथों पर एक्सरसाइज वाली बडी़ बॉल को हाथों में ले कर अपने दोनों पैरों को ऊपर उठाएं। अब अपने हाथों की बॉल को अपने पैरों में पकड़ाएं और फिर पैरों को नीचे ले जा कर दुबारा बॉल ले कर ऊपर आएं। फिर पैरों से जो बॉल उठाई गई है उसे दुबारा हाथों में पकाड़ाएं। इस क्रिया को लगातार 12 बार करें।

पानी में शहद
शहद एक काम्पलेक्स शर्करा की तरह है, जो मोटापा कम करने में काफी हद तक मदद करता है। गर्म पानी में एक चम्मच शहद प्रतिदिन सुबह खाली पेट पीने से कुछ ही समय में परिणाम दिखने लगते हैं, आप चाहें तो इसमें इस मिश्रण में एक चम्मच नींबू रस भी डाल सकते हैं।

पुदीने की चटनी
पुदीना की ताजी हरी पत्तियों की चटनी बनाई जाए और चपाती के साथ सेवन किया जाए, असरकारक होती है।

खाने के बीच में पानी न पियें
खाना खाते समय ध्यान रखें कि बीच में कभी भी पानी न पीएं साथ ही खाना खाने के बाद भी पानी पीने से बचें। खाने के कम से कम 10-15 मिनट बाद गुनगुना पानी पियें। कुछ दिनों तक लगातार इस उपाय को अपनाएं और असर देखें।

लेमन टी या ग्रीन टी लें
दोपहर और रात के बीच में भूख लगने पर तले स्नैक्स खाने के बजाय ग्रीन या ब्लैक टी पीएं। इसमें थायनाइन नामक अमीनो एसिड होता है, जो मस्तिष्क में रिलैक्सग केमिकल्स का स्त्राव करता है और आपकी भूख पर कंट्रोल करता है।

जॉगिंग व मॉर्निंग वॉक
पेट कम करने के लिए सुबह-सुबह जॉगिंग या वॉक करना अच्छा माना जाता है। अगर आपको जॉगिंग में समस्या आ रही है तो तेज चाल से वॉक कर सकते हैं। नियमित रुप से मॉर्निंग वॉक आपको बढ़ते पेट से जल्द निजात दिला सकता है।

6 चीजें जो घटाती हैं कोलेस्ट्राल

6 चीजें जो घटाती हैं कोलेस्ट्राल

कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने की समस्‍या हृदय रोग सहित कई गंभीर बीमारियों को जन्‍म देती है। पर खानपान की स्‍वस्‍थ आदतों को अपनाकर इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने की समस्‍या के बारे में करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर कोलेस्‍ट्रॉल है क्‍या।

क्‍या है कोलेस्‍ट्रॉल
कोलेस्‍ट्रॉल एक तरह का वसायुक्‍त तत्‍व है, जिसका उत्‍पादन लिवर करता है। यह कोशिकाओं की दवीारों, नर्वस सिस्‍टम के सुरक्षा कवच और हार्मोंस के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। यह प्रोटीन के साथ मिलकर लिपोप्रोटीन बनाता है, जो फैट को खून में घुलने से रोकता है। हमारे शरीर में दो तरह के कोलेस्‍ट्रॉल होते हैं- एचडीएल (हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन, अच्‍छा प्रोटीन) और एलडीएल (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन, बैड कोलेस्‍ट्रॉल) एचडीएल यानी अच्‍छा कोलेस्‍ट्रॉल काफी हल्‍का होता है और रक्‍तवाहिनियों में जमे फैट को अपने साथ बहाकर ले जाता है।

बुरा कोलेस्‍ट्रॉल यानी एलडीएल ज्‍यादा चिपचिपा और गाढ़ा होता है। अगर इसकी मात्रा अधिक हो तो यह रक्‍तवाहिनियों और धमनियों की दीवारों पर जम जाता है, जिससे खून के बहाव में रुकावट आती है। इसके बढ़ने से हार्ट अटैक, हाई ब्‍लडप्रेशर और मोटापे जैसी समस्‍यायें हो सकती हैं। कोलेस्‍ट्रॉल की जांच के लिए लिपिड प्रोफाइल नामक रक्‍त जांच की जाती है। किसी स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति के शरीर में कुल कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा 200 मिग्रा/डीएल से कम, एचडीएल 60 मिग्रा/डीएल से अधिक और एलडीएल 100 म्रिग्री/डीएल से कम होना चाहिए। अगर सचेत तरीके से खानपान में कुछ चीजों को शामिल किया जाए तो बढ़ते कोलेस्‍ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है ।

1ड्राई फ्रूट्स-
बादाम, अखरोट और पिस्‍ते में पाया जाने वाला फाइबर, ओमगा-3 फैटी एसिड और अन्‍य विटामिन बुरे कोलेस्‍ट्रॉल को घटाने और अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल को बढ़ाने में सहायक होते हैं। इनमें मौजूद फाइबर देर तक पेट भरे होने का अहसास कराता है। इससे व्‍यक्ति नुकसानदेह फैटयुक्‍त स्‍नैक्‍स के सेवन से बचा रहता है।
कितना खायें
प्रतिदिन पांच से दस दाने
ध्‍यान रखें
घी-तेल में भुने और नमकीन मेवों का सेवन न करें। इससे हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या हो सकती है। बादाम-अखरोट को पानी में भिगोकर और पिस्‍ते को वैसे ही छीलकर खाना अधिक फायदेमंद होता है। पानी में भिगोने से बादाम-अखरोट में मौजूद फैट कम हो जाता है और इसमें विटामिन-ई की मात्रा बढ़ जाती है। अगर अखरोट से एलर्जी हो, तो इसके सेवन से बचें। शारीरिक श्रम न करने वाले लोग अधिक मात्रा में बादाम न खाएं। इससे मोटापा बढ़ सकता है।

2लहसुन-
लहसुन में कई ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं जो एलडीएल कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने में मददगार साबित होते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा कराये गए शोध के अनुसार लहसुन के नियमित सेवन से एलडीएल कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर 9 से 15 फीसदी तक बढ़ सकता है। इसके अलावा यह हाई ब्‍लड प्रेशर को भी नियंत्रित करता है।
कितना खायें
प्रतिदिन लहसुन की दो कलियां छीलकर खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
ध्‍यान रखें
अगर लहसुन के गुण्‍कारी तत्‍वों का फायदा लेना हो तो बाजार में‍ मिलने वाले गार्लिक सप्‍लीमेंट के बजाय सुबह खाली पेट कच्‍चा लहसुन खाना अधिक फायदेमंद होता है। कुछ लोगों को इससे एलर्जी होती है। अगर ऐसी समस्‍या है, तो लहसुन न खायें

3ओट्स-
ओट्स में मौजूद बीटा ग्‍लूकोन नाम गाढ़ा चिपचिपा तत्‍व हमारी आंखों की सफाई करते हुए कब्‍ज की समस्‍या को दूर करता है। इसकी वजह से शरीर में बुरे कोलेस्‍ट्रॉल का अवशोषण नहीं हो पाता। वैज्ञानिकों द्वारा किये गए अध्‍ययनों से यह साबित हो चुका है कि अगर तीन महीनों तक लगातार ओट्स का सेवन किया जाए, तो इससे कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर में पांच फीसदी तक की कमी लायी जा सकती है।

कितना खायें
एक स्‍वस्‍थ व्‍‍यक्ति को प्रतिदिन लगभग तीन ग्राम बीटा ग्‍लूकोन की जरूरत होती है। अगर रोजाना एक कटोरी ओट्स या दो ओट्स स्‍लाइस का सेवन किया जाए तो हमारे शरीर को पर्याप्‍त मात्रा में बीटा ग्‍लूकोन मिल जाता है।

4सोयाबीन और दालें-
सोयाबीन, दालें और अंकुरित अनाज खून में से एलडीएल कोलेस्‍ट्रॉल को बाहर निकालने में मदद करते हैं। ये चीजें अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल को बढ़ाने में भी सहायक होती हैं।

कितना खायें
एक स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति को प्रतिदिन 18 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। इसके लिए एक कटोरी दाल और एक कटोरी रेशेदार सब्जियों (बींस, भिंडी और पालक) के साथ वैकल्पिक रूप से स्‍प्राउट्स का सेवन पर्याप्‍त होता है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिदिन सोयाबीन से बनी दो चीजों का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे बैड कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर में पांच फीसदी तक की कमी की जा सकती है। इसके लिए एक कटोरी उबला हुआ सोयाबीन, सोया मिल्‍क, दही और टोफू का सेवन किया जा सकता है।

ध्‍यान रखें
यूरिक एसिड की समस्‍या से ग्रस्‍त लोगों के लिए दालें और सोयाबीन में मौजूद प्रोटीन नुकसानदेह होता है। अगर आपको ऐसी समस्‍या हो इन चीजों का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

5नींबू-
नींबू सहित सभी खट्टे फलों में कुछ ऐसे घुलनशील फाइबर होते हैं, जो खाने की थैली में बैड कोलेस्‍ट्रॉल को रक्‍त प्रवाह में जाने से रोक देते हैं। ऐसे फलों में मौजूद विटामिन सी रक्‍तवाहिका नलियों की सफाई करता है। इस तरह बैड कोलेस्‍ट्रॉल पाचन तंत्र के जरिये शरीर से बाहर निकल जाता है। खट्टे फलों में ऐसे एंजाइम्‍स पाए जाते हैं, जो मेटाबॉलिज्‍म की प्रक्रिया को तेज करके कोलेस्‍ट्रॉल घटाने में सहायक होते हैं।

कितना खायें
गुनगुने पानी के साथ सुबह खाली पेट एक नींबू के रस का सेवन करें।

ध्‍यान रखें
चकोतरा बुरे कोलेस्‍ट्रॉल को घटाने में बहुत मददगार होता है। इसलिए कुछ लोग आसानी से इसे अपनी डायट में शामिल करते हैं, लेकिन आप अगर कुछ दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो इसे अपने आहार में शामिल करने से पहले डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें क्‍योंकि कुछ दवाओं के साथ इनका बहुत तेजी से केमिकल रिएक्‍शन होता है, जिसकी वजह से हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक जैसी समस्‍या हो सकती है।

6ऑलिव ऑयल-
इसमें मौजूद मोनो अनसैचुरेटेड फैट कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को स्थिर रखने में सहायक होता है। यह ऑर्टरी की दीवारों को मजबूत बनाता है। इससे हृदय रोग की आशंका कम हो जाती है। यह हाई ब्‍लड प्रेशर और शुगर लेवल को भी नियंत्रित करता है। रिसर्च से यह प्रमाणित हो चुका है कि अगर छह सप्‍ताह तक लगातार ऑलिव ऑयल का सेवन किया जाए तो इससे कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर में आठ फीसदी तक की कमी आ सकती है।

ध्‍यान रखें
कुकिंग के लिए वर्जिन ऑलिव ऑयल और सैलेड ड्रेसिंग के लिए एक्‍सट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का इस्‍तेमाल करना चाहिए। कुछ लोगों को इससे एलर्जी भी होती है, अगर ऐसी समस्‍या हो तो इसके बजाए फ्लैक्‍स सीड (अलसी) या राइस ब्रैन ऑयल का सेवन किया जा सकता है। ऑलि ऑयल हाई ब्‍लडप्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा दोनों चीजों का लेवल बहुत कम कर देती है।

गठिया होने का कारण, लक्षण और इलाज

गठिया होने का कारण, लक्षण और इलाज

क्‍या है गठिया? जब हड्डियों के जोडो़ में यूरिक एसिड जमा हो जाता है तो वह गठिया का रूप ले लेता है। यूरिक एसिड कई तरह के आहारों को खाने से बनता है। रोगी के एक या कई जोड़ों में दर्द, अकड़न या सूजन आ जाती है। इस रोग में जोड़ों में गांठें बन जाती हैं और शूल चुभने जैसी पीड़ा होती है, इसलिए इस रोग को गठिया कहते हैं। यह कई तरह का होती है, जैसे-एक्यूट, आस्टियो, रूमेटाइट, गाउट आदि।

क्‍या है गठिया?
जब हड्डियों के जोडो़ में यूरिक एसिड जमा हो जाता है तो वह गठिया का रूप ले लेता है। यूरिक एसिड कई तरह के आहारों को खाने से बनता है। रोगी के एक या कई जोड़ों में दर्द, अकड़न या सूजन आ जाती है।

गठिया के लक्षण
गठिया के किसी भी रूप में जोड़ों में सूजन दिखाई देने लगती है। इस सूजन के चलते जोड़ों में दर्द, जकड़न और फुलाव होने लगता है। रोग के बढ़ जाने पर तो चलने-फिरने या हिलने-डुलने में भी परेशानी होने लगती है।

किसको होता है आर्थराइटिस गठिया
महिलाओं से ज्‍यादा पुरुषों को होता है। यह पुरुषों को 75 की उम्र के बाद होता है। महिलाओं में यह मेनोपॉज के बाद होता है।

आर्थराइटिस के जोखिम कारक
महिलाओं में एस्ट्रोजन की कमी के कारण, शरीर में आयरन व कैल्सियम की अधिकता, पोषण की कमी, मोटापा, ज्‍यादा शराब पीना, हाई ब्‍लड प्रेशर और किडनियों को ठीक प्रकार से काम ना करने की वजह से गठिया होता है।

किस तरह से दिखता है गठिया?
पैरों के अंगूठों में सूजन पैरों में गठिया का असर सबसे पहले देखने को मिलता है। अंगूठे बुरी तरह से सूज जाते हैं और तब तक ठीक नहीं होते जब तक की उनका इलाज ना करवाया जाए।

उंगलियों का होता है यह हाल
उंगलियों के जोड़ में यूरिक एसिड के क्रिस्‍टल जमा हो जाते हैं। इससे उंगलियों के जोडो़ में बहुत दर्द होता है जिसके लिये डॉक्‍टर का उपचार लेना पड़ता है।

दर्द से भरी कुहनियां
गठिया रोग कुहनियां तथा घुटनों में हो सकता है। इसमें कुहनियां बहुत ही तकलीफ देह हो जाती हैं और सूजन से भर उठती हैं।

कैसा हो आहार
संतुलित और सुपाच्य आहार लें। चोकर युक्त आटे की रोटी तथा छिलके वाली मूंग की दाल खाएं। हरी सब्जियों में सहिजन, ककड़ी, लौकी, तोरई, पत्ता गोभी, गाजर, आदि का सेवन करें। दूध और उससे बने पदार्थों का सेवन करें।

दवाइयों से ठीक करें
गठिया अगर दर्द ज्‍यादा बढ़ गया हो तो डॉक्‍टर को दिखा कर दवाइयां खाएं। यह सूजन और दर्द को कम करती हैं तथा खून में यूरिक एसिड की मात्रा को कम करके जोडो़ में इसे जमा होने से बचाती हैं।

घरेलू नुस्खों से दूर करें दर्द

घरेलू नुस्खों से दूर करें दर्द

जिस तरह का जीवन हम जी रहे हैं, उसमें सिरदर्द होना एक आम बात है। लेकिन यह दर्द हमारी दिनचर्या में शामिल हो जाए तो हमारे लिए बहुत कष्टदायी हो जाता है। दर्द से छुटकारा पाने के लिए हम पेन किलर घरेलू उपाय अपनाकर इसे दूर कर सकते हैं। इन घरेलू उपायों के कोई साईड इफेक्ट भी नहीं होते।

1. अदरक: अदरक एक दर्द निवारक दवा के रूप में भी काम करती है। यदि सिरदर्द हो रहा हो तो सूखी अदरक को पानी के साथ पीसकर उसका पेस्ट बना लें और इसे अपने माथे पर लगाएं। इसे लगाने पर हल्की जलन जरूर होगी लेकीन यह सिरदर्द दूर करने में मददगार होती है।

2. सोडा: पेट में दर्द होने पर कप पानी में एक चुटकी खाने वाला सोडा डालकर पीने से पेट दर्द में राहत मिलती है। सि्त्रयो के मासिक धर्म के समय पेट के नीचे होने वाले दर्द को दूर करने मे खाने वाला सोडा पानी में मिलाकर पीने से दर्द दूर होता है। एसिडिटी होने पर एक चुटकी सोडा, आधा चम्मच भुना और पिसा हुआ जीरा, 8 बूंदे नींबू का रस और स्वादानुसार नमक पानी में मिलाकर पीने से एसिडिटी में राहत मिलती है।

3. अजवायन: सिरदर्द होने पर एक चम्मच अजवायन को भूनकर साफ सूती कपडे में बांधकर नाक के पास लगाकर गहरी सांस लेने से सिरदर्द में राहत मिलती है। ये प्रक्रिया तब तक दोहराएं जब तक आपका सिरदर्द ठीक नहीं हो जाता। पेट दर्द को दूर करने में भी अजवायन सहायक होती है। पेट दर्द होने पर आधा चम्मच अजवायन को पानी के साथ फांखने से पेट दर्द में राहत मिलती है।

4. बर्फ : सिरदर्द में बर्फ की सिंकाई करना बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा स्पॉन्डिलाइटिस में भी बर्फ की सिंकाई लाभदायक होती है। गर्दन में दर्द होने पर भी बर्फ की सिंकाई लाभदायक होती है।

5. हल्दी: हल्दी कीटाणुनाशक होती है। इसमें एंटीसेप्टिक, एंटीबायोटिक और दर्द निवारक तत्व पाए गए हैं। ये तत्व चोट के दर्द और सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। घाव पर हल्दी का लेप लगाने से वह ठीक हो जाता है। चोट लगने पर दूध में हल्दी डालकर पीने से दर्द में राहत मिलती है। एक चम्मच हल्दी में आधा चम्मच काला गर्म पानी के साथ फांखने से पेट दर्द व गैस में राहत मिलती है।

6. तुलसी के पत्ते: तुलसी में बहुत सारे औषधीय तत्व पाए जाते हैं। तुलसी की पत्तियों को पीसकर चंदन पाउडर में मिलाकर पेस्ट बना लें। दर्द होने पर प्रभावित जगह पर उस लेप को लगाने से दर्द में राहत मिलेगी। एक चम्मच तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाकर हल्का गुनगुना करके खाने से गले की खराश और दर्द दूर हो जाता है। खांसी में भी तुलसी का रस काफी फायदेमंद होता है।

7. मेथी: एक चम्मच मेथी दाना में चुटकी भर पिसी हुई हींग मिलाकर पानी के साथ फांखने से पेटदर्द में आराम मिलता है। मेथी डायबिटीज में भी लाभदायक होती है। मेथी के लड्डू खाने से जोडों के दर्द में लाभ मिलता है।

8. हींग: हींग दर्द निवारक और पित्तवर्द्धक होती है। छाती और पेटदर्द में हींग का सेवन लाभकारी होता है। छोटे बच्चों के पेट में दर्द होने पर हींग को पानी में घोलकर पकाने और उसे बच्चो की नाभि के चारो ओर उसका लेप करने से दर्द में राहत मिलती है।

9. सेब: सुबह खाली पेट प्रतिदिन एक सेब खाने से सिरदर्द की समस्या से छुटकारा मिलता है। चिकित्सकों का मानना है कि सेब का नियमित सेवन करने से रोग नहीं घेरते।

10. करेला: करेले का रस पीने से पित्त में लाभ होता है। जोडों के दर्द में करेले का रस लगाने से काफी राहत मिलती है

गरम पानी पीने के फायदे

गरम पानी पीने के फायदे-

सफाई और शुद्धी- यह शरीर को अंदर से साफ करता है। अगर आपका पाचन तंत्र सही नहीं रहता है, तो आपको दिन में दो बार गरम पानी पीना चाहिये। सुबह गरम पानी पीने से शरीर के सारे विशैले तत्‍व बाहर निकल जाते हैं, जिससे पूरा सिस्‍टम साफ हो जाता है। नींबू और शहद डालने से बड़ा फायदा होता है।

कब्‍ज दूर करे- शरीर में पानी की कमी हो जाने की वजह से कब्‍ज की समस्‍या पैदा हो जाती है। रोजाना एक ग्‍लास सुबह गरम पानी पीने से फूड पार्टिकल्‍स टूट जाएंगे और आसानी से मल बन निकल जाएंगे। मोटापा कम करे- सुबह के समय या फिर हर भोजन के बाद एक ग्‍लास गरम पानी में नींबू और शहद मिला कर पीने से चर्बी कम होती है। नींबू मे पेकटिन फाइबर होते हैं जो बार-बार भूख लगने से रोकते हैं।